नई दिल्ली हम सभी एक अजीब से समय में जी रहे हैं। एक तरफ समाज का एक ऐसा वर्ग है, जो कुपोषण के कारण बीमारियों और मौत का सामना कर रहा है, वहीं, दूसरी ओर विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े बताते हैं कि 1975 के बाद से दुनिया भर में मोटापा लगभग तीन गुना बढ़ गया है। 2016 में, 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 1.9 बिलियन से अधिक वयस्कों का वज़न ज़्यादा था, इनमें से 650 मिलियन से ज़्यादा लोग मोटापे पीड़ित थे। 2016 में 18 वर्ष और उससे अधिक आयु के 39 प्रतिशत वयस्क अधिक वजन वाले थे और 13 प्रतिशत मोटे थे। भारत में पेट से बढ़ता मोटापा तेज़ी से दिल से जुड़ी बीमारियों का कारण बन रहा है।

क्या ज़रूरत से ज़्यादा खाना और एक्सरसाइज़ की कमी मोटापे का कारण है?

रिसर्च के मुताबिक, सिर्फ ख़राब डाइट और वर्कआउट की कमी ही मोटापे की वजह नहीं है, इसके पीछे नींद पूरी होना भी एक बड़ी वजह है। समय पर सोने या फिर अच्छी नींद लेने से भी पेट की चर्बी बढ़ती है। जामा नेटवर्क ओपन द्वारा 1 जून, 2021 को ऑनलाइन शोध किया गया। जिसमें 26 देशों के 137,000 लोग शामिल हुए थे। प्रतिभागियों ने उनकी सोने की आदत के बारे में सवालों के जवाब दिए, लगभग 14 प्रतिशत ने कहा कि वे आधी रात या उसके बाद सोते हैं। रात 8 बजे से 10 बजे के बीच सोने के समय की तुलना में, इसके बाद सोने से मोटापे या कमर के आसपास चर्बी बढ़ने का जोखिम बढ़ता है।

सुबह 2 बजे से सुबह 6 बजे के बीच सोने वाले लोगों में जोखिम और भी ज़्यादा बढ़ जाता है। दिन में लंबे समय तक सोने से भी पेट की चर्बी बढ़ने का ख़तरा बढ़ जाता है, खासकर महिलाओं में। अगर आप 10 बजे से पहले सो जाते हैं, तो मोटापे का ख़तरा काफी कम हो जाता है।

अच्छी नींद लेने सेहत में सुधार आता है?

हर व्यक्ति को अच्छी सेहत के लिए कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दिन में किसी भी वक्त सोना सही है। एक शोध के मुताबिक, जो लोग देर रात सोते हैं या कम नींद लेते हैं, उनमें मोटापे का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं, दिन में ज़्यादा सो लेने से फायदा नहीं मिलता, बल्कि पेट की चर्बी बढ़ने का जोखिम बढ़ जाता है