पिछले कुछ वर्षों में दुनियाभर में ग्रीन-टी का सेवन काफी तेजी से बढ़ा है। वजन घटाने, ब्लड शुगर या कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना हो या कैंसर जैसे रोगों से सुरक्षा, ग्रीन टी को हमेशा पहला विकल्प माना जाता है। इसका मुख्य कारण इसमें मौजूद उच्च एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा है। एंटीऑक्सिडेंट ऐसे घटक होते हैं जो सूजन को घटाने के साथ शरीर को फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं। फ्री रेडिकल्स कोशिकाओं को क्षति पहुंचाकर कैंसर जैसी कई अन्य क्रोनिक बीमारियों का कारण बन सकते हैं।  हालांकि कई अध्ययनों से पता चलता है, एक दिन में तीन कप से अधिक ग्रीन टी का सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक एंटीऑक्सिडेंट्स के लिए सिर्फ ग्रीन-टी पर ही क्यों निर्भर रहना। ग्रीन-टी के अलावा कई फलों में भी पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स मौजूद होते हैं, इनका सेवन करना भी सेहत के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में ग्रीन-टी के अलावा एंटीऑक्सिडेंट्स के अन्य स्रोतों के बारे में जानते हैं।

अनार के फायदे

वैसे तो अनार का सेवन शरीर में रक्त की मात्रा को बढ़ाने के लिए वर्षों से किया जाता रहा है, पर क्या आप जानते हैं, अनार एंटी-वायरल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के साथ एंटीऑक्सिडेंट्स का भी समृद्ध स्रोत माना जाता है? अध्ययनों से पता चलता है कि अनार, आपको ग्रीन टी से बेहतर डिटॉक्स करने में मदद कर सकता है। अनार में पाया जाने वाला एंटीऑक्सिडेंट फ्लेवोनोल्स, गठिया जैसी सूजन की स्थिति को कम करने में सहायक है।

रोजाना खाइए एक सेब

अध्यनों से पता चलता है कि सेब में कैटेचिन जैसे फाइटोकेमिकल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने से लेकर, बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर और मधुमेह के जोखिम को कम करने के लिए सेब का नियमित रूप से सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। सेब में कैटेचिन की मात्रा इसे त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद बनाती है। सेब में पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है, जो शरीर को तमाम प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहायक है।

अंगूर है बेहद स्वास्थ्यबर्धक

अध्ययनों से पता चलता है कि अंगूर में फ्लेवोनोइड्स और कैरोटेनॉयड्स सहित फाइटोन्यूट्रिएंट्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। अंगूर का सेवन करने से शरीर को कोशिकाएं स्वस्थ बनी रहती हैं साथ ही इसे प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने वाले फलों में से एक माना जाता है। प्रजनन स्वास्थ्य, बच्चों की वृद्धि और विकास जैसे कार्यों में भी अंगूर का सेवन करना लाभदायक माना जाता है।

ग्रीन टी की तरह, अमरूद के पत्ते कैटेचिन और अन्य एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर होते हैं। अमरूद के पत्तों को सेहत के लिए विशेष लाभदायक माना जाता है। अमरूद को एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीऑक्सिडेंट्स से भी भरपूर माना जाता है। दस्त की समस्या को ठीक करने में अमरूद का सेवन करना विशेष लाभदायक माना जाता है। अमरूद में अनानास की तुलना में अधिक मात्रा में विटामिन सी, केले से अधिक पोटेशियम और फाइबर  होता है। अमरूद का फल और पत्ते दोनों फायदेमंद होते हैं।