महाराष्ट्र  | के मंत्री नवाब मलिक और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की मुंबई क्षेत्रीय इकाई के निदेशक समीर वानखेड़े के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी कड़ी में समीर वानखेड़े के पिता ध्यानदेव वानखेड़े ने महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ उनके, उनके परिवार और उनकी जाति को लेकर कथित तौर पर 'झूठी एवं अपमानजनक' टिप्पणी करने के मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि ध्यानदेव ने ओशिवरा संभाग के सहायक पुलिस आयुक्त से सोमवार को संपर्क किया और लिखित शिकायत दी। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम के तहत मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

ध्यानदेव ने आरोप लगाया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता मलिक ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ और उनकी जाति को लेकर विभिन्न मीडिया मंचों पर 'झूठी एवं अपमानजनक' टिप्पणी की है। उन्होंने शिकायत में कहा, हम 'महार' समुदाय से नाता रखते हैं जो कि एक अनुसूचित जाति है। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम के प्रविधानों और भारतीय दंड संहिता की धारा 503, 508, 499 के तहत मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मलिक अपनी व्यक्तिगत रंजिश के कारण उनकी बेटी यास्मीन की गतिविधियों पर आनलाइन नजर रख रहे हैं और उसके सोशल मीडिया अकाउंट जैसे कि इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि से उसकी निजी तस्वीरें लेकर गैरकानूनी रूप से उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में प्रसारित कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता ने कहा कि मंत्री ने उनकी बेटी और परिवार के सदस्यों के खिलाफ जबरन वसूली में शामिल होने का आरोप लगाया, जब वे मालदीव में थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री सीधे तौर पर धमकी दे रहे हैं और अपने दामाद (समीर खान) के खिलाफ दर्ज मामले की जांच को प्रभावित करने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं। मलिक के दामाद को जनवरी में कथित ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया गया था और सितंबर में उन्हें जमानत मिल गई थी।शिकायतकर्ता ने दावा किया कि मलिक, उनके और उनके परिवार के खिलाफ अपनी सभी ताकतों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ध्यानदेव वानखेड़े ने कहा कि उनके दावों को साबित करने के लिए उनके पास फुटेज और वे लेख हैं जो मंत्री ने विभिन्न इंटरनेट मीडिया मंचों पर साझा किए हैं। सहायक पुलिस आयुक्त के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि उन्हें ध्यानदेव वानखेड़े की शिकायत मिली है और कहा कि उसकी जांच जारी है।

ध्यानदेव वानखेड़े ने मलिक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है, जिसमें उनके बेटे समीर वानखेड़े और परिवार के खिलाफ संवाददाता सम्मेलन और इंटरनेट मीडिया के जरिये कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए मंत्री से 1.25 करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांगा गया है।

बांबे हाई कोर्ट ने सोमवार को मलिक को इस मामले अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। मंगलवार को मलिक ने हाई कोर्ट में कहा कि ध्यानदेव की मानहानि याचिका समीर वानखेड़े द्वारा की गई अनियमितताओं को छिपाने की कोशिश है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ उनका कोई भी बयान गलत नहीं है।

मालूम हो कि समीर वानखेड़े के नेतृत्व में एनसीबी के एक दल ने पिछले महीने एक क्रूज जहाज पर छापेमारी की थी और वहां से ड्रग्स जब्त करने का दावा किया था। इसके बाद मामले में शाह रुख खान के बेटे आर्यन खान और 19 अन्य को गिरफ्तार किया गया था।मलिक ने क्रूज मामले का 'फर्जी' करार दिया है। उन्होंने समीर वानखेड़े के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं, जिसमें सरकारी नौकरी पाने के लिए नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करना भी शामिल है। समीर वानखेड़े ने हालांकि इन सभी आरोपों को खारिज किया है।

वानखेड़े की पत्नी और पिता ने की राज्यपाल से मुलाकात

एनसीबी के क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े की पत्नी क्रांति रेडकर और पिता ध्यानदेव ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की और राज्य के मंत्री नवाब मलिक के खिलाफ शिकायत सौंपी।क्रांति ने संवाददाताओं से कहा, 'मैंने अपने ससुर ध्यानदेव वानखेड़े और ननद यास्मीन वानखेड़े के साथ राज्यपाल कोश्यारी से मुलाकात की। हमने मंत्री नवाब मलिक द्वारा हम पर लगातार जारी हमलों को लेकर शिकायत दी है। इन हमलों के कारण परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है।'

राज्यपाल की प्रतिक्ति्रया के बारे में पूछे गए सवाल पर क्रांति ने कहा, 'उन्होंने यह भरोसा जताते हुए कि सत्य की जीत होगी, हमें संयम बरतने और धैर्य रखने के लिए कहा। उनसे मिलने के बाद हम काफी सकारात्मकता महसूस कर रहे हैं।'